ये अनूठे कार्यक्रम अतीत की महान हस्तियों के जीवन के अनुसंधान तथा उनके गुणगान के लिये साल में एक बार आयोजित किये जाते हैं। संस्कृति और रंगों के विभिन्न धागों में बुनकर प्रस्तुत किए गए ये कार्यक्रम आंतरिक विकास के गहरे आयामों को अर्पित करते हैं।
वैभव शिव

योग परंपरा में शिव को आदि गुरु माना जाता हैं। शिव, जिन्हें सद्गुरु हँसी-हँसी में अपना 50 प्रतिशत भागीदार कह कर संबोधित करते हैं, उनकी ईशा में प्रधान भूमिका रही है। शिव की महिमा के गुणगान के लिये सद्गुरु ने अपने आप में एक अनूठे कार्यक्रम - वैभव शिव की रचना की। क्रमशः ~>

लीला - क्रीडा का मार्ग

सितंबर 2005 में ईशा योग केंद्र में संपन्न एक पौराणिक और अपने आप में अनूठे कार्यक्रम लीला में सद्गुरु ने ईशा साधको की एक मंडली को कृष्ण के विविध आयामों की खोज के लिए एक रहस्यमय तथा मंत्रमुग्ध करने वाली यात्रा पर ले गये। क्रमशः ~>







 
  • Digg
  • del.icio.us
  • Facebook
  • TwitThis
  • StumbleUpon
  • Technorati
  • Google
  • YahooMyWeb
 
ISHA FOUNDATION
Isha Foundation - A Non-profit Organization © Copyright 1997 - 2014. Isha Foundation. All rights reserved
Site MapFeedbackContact Us View our Copyright and Privacy Policy