ईशा योग कार्यक्रम
ईशा योग केंद्र पर पूरे साल ईशा योग कार्यक्रम और ईशा कायाकल्प रिट्रीट आयोजित किए जाते हैं। ३ दिन के लिए यहाँ आकर इनर इंजिनियरिंग रिट्रीट का आनंद लीजिए। यह मासिक आवासीय कार्यक्रम अंदरूनी विकास और खोज के लिए कई संभावनाएँ प्रदान करता है। यहाँ पर हठ योग, शून्य ध्यान व भाव स्पंदन और सम्यमा जैसे उच्च स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। केंद्र पर आयोजित किए जाने वाले सभी कार्यक्रमों के लिए कार्यक्रम-समय सारणी देखें।
ओंकार दीक्षा
ओंकार दीक्षा ध्यानलिंग मंदिर पर आए दर्शनार्थियों के लिए शाश्वत ऊँ ध्यान में दीक्षित होने का एक अवसर है। इस सरल ध्यान का अभ्यास व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक शक्ति को बढाता है तथा उसमें अत्यधिक संतुलन और तंदुरुस्ती लाने में सहायक सिद्ध होता है।
समय - केंद्र पर रोज दोपहर १२:३० से १:०० बजे तक
ईशा हाट (शॉपी)
ध्यानलिंग के पास - इस सनातन प्रांगण में कदम रखते ही - ईशा हाट स्टाल है। ईशा क्राफ्ट अपने उत्पाद - उपहार सामग्री, जूट के सामान, पेंटिंग, धातु-शिल्प, पत्थर-शिल्पकृति, हस्तशिल्प तथा इसके साथ-साथ डिजाइनर वस्त्र, जिसमें नियमित, अनियमित पहनावे और योग-पोशाक भी शामिल हैं - के माध्यम से लोगों के जीवन में ईशा-शैली और कारीगरी लाता है। इन उद्यमों से अर्जित किए गए सभी मुनाफे भारत के ग्रामीण जन-समुदाय की सेवा और विकास के लिए ईशा-फाउन्डेशन द्वारा शुरू किए गए सामाजिक आउटरीच कार्यक्रमों में खर्च किए जाते हैं।
और अधिक~>
स्वयंसेवी
प्रेरित और उत्साहित ईशा साधक, जो इस संस्थान में स्वंयसेवी बनने का आवेदन करते हैं, यह संस्थान उनका स्वागत करती है तथा उन्हें प्रोत्साहित करती है। हालाँकि अलग-अलग समयों में हमारी जरूरतें भिन्न-भिन्न होती हैं, तब भी हम संस्था की जरूरत के मुताबिक आपके कौशल, क्षमताओं और रूचियों का ख्याल रखने का प्रयत्न करेंगे। ईशा योग केंद्र की यात्रा पर आए स्वयंसेवी यहाँ की विभिन्न गतिविधियों - मंदिर, रसोईघर, ईशा योग कार्यक्रम, व ईशा की सामाजिक परियोजनाओं में मदद कर सकते हैं। और अधिक ~>
उत्सव
शांति, भाईचारे एवं सद्भावना को बढाने में संस्कृति और परंपरा की मौलिक भूमिका को स्वीकार करते हुए, ईशा संस्थान महाशिवरात्रि और ईशा-उत्सव जैसे त्योहारों के माध्यम से सभी संस्कृतियों का सम्मान करता है। यहाँ हर साल सभी महत्वपूर्ण त्योहार खूब धूम-धाम से उल्लासपूर्वक मनाए जाते हैं। हम आपको अपने साथ इन उत्सवों में भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं.. और अधिक~>
इस वर्ष:
महाशिवरात्रि - ३ मार्च, २०११
|