हर वर्ष सितम्बर माह में ईशा महोत्सव सद्गुरु की ज्ञान प्राप्ति दिवस और अंर्तराष्ट्रीय शांति दिवस के रूप में ईशा योग केंद्र में मनाया जाता है।
संगीत, नृत्य, कला और शिल्प, एवं पाक-शैली के माध्यम से हर राज्य की संस्कृति का सम्मान करते हुए, दुनिया भर की विभिन्न संस्कृतियों के विविध रंगों और योगदानों को स्वीकार करते हुए हर वर्ष ईशा महोत्सव का विषय अलग होता है और अलग-अलग ढंग से मनाया जाता हैं। विभिन्न क्षेत्र से जुडे ईशा साधक वार्षिक महोत्सव का आयोजन करते हैं। अफ्रीका, उत्तरी अमरीका, तथा केरल, राजस्थान और हाल ही में महाराष्ट्र जैसे भारतीय राज्य इसमें शामिल हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में, भारत और दुनिया भर से देशी, पारंपरिक और आधुनिक संगीत व नृत्य प्रस्तुत करने के लिए प्रसिद्ध कलाकारों को आमंत्रित किया जाता है। जलपान के स्टॉल पर रुचिकर भारतीय एवं पाश्चात्य भोजन, पेय पदार्थ और मिठाइयां उपलब्ध होती हैं, इसके साथ ही कला एवं शिल्प स्टॉल पर हैंडबैग एवं वस्त्र जैसे ईशा शिल्प उत्पादों से लेकर, कलाकृति और उम्दा फर्नीचर जैसी हर चीज उपलब्ध होती हैं।
प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा ‘विश्व शांति‘ के लिए एक विशेष संध्या समारोह हमेशा से इसका एक खास पहलू रहा है। हरिप्रसाद चौरसिया, शिव कुमार शर्मा, डॉ. बाला मुरलीकृष्णन, सुधा रघुनाथन, अनुराधा श्रीराम, ऊषा उत्थुप, वाणी जयराम, मनीष व्यास, और इंडियन ओशन जैसे कुछ कलाकारों ने ईशा उत्सव पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं।