युगों-युगों से सभी संस्कृतियों में, मानव जीवन के हर पहलू में उत्सवों को सूक्ष्मतापूर्वक बुना गया है। मौलिक स्तर पर, ये उत्सव हमारी रोज की दिनचर्या और काम-काज की नीरसता से हमें राहत देते हैं। दूसरे स्तर पर, ये उत्सव प्राणी में मानव चेतना के उच्च पहलुओं को सामने लाते हैं। ये उत्सव व्यक्ति में मंगल-कामना और कृतज्ञता की भावना को प्रेरित कर जीवन की गहन संभावनाओं के प्रति ग्रहणशील बनाते हैं। उत्सवों की खुशी और आनंद हमें उदारता, परोपकार और करुणा के कार्यों के लिए बार-बार अवसर देते हैं। ये उत्सव हमारे अंदर एकता की भावना को प्रेरित करते हुए अक्सर क्षमाशीलता और मेल-मिलाप को बढाते हैं।
ईशा में उत्सव आत्म-खोज के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से मनाए जाते है, उत्सवों से जुडे धार्मिक कृत्यों का गुणगान करने के लिए नहीं।
कुछ चुनिंदा उत्सव व्यक्ति के आंतरिक विकास क्षमता को बढाने के लिए मनाए जाते हैं, तथा कुछ एकता की भवना को बढाने के लिए मनाए जाते हैं। कुछ उत्सव सिद्ध व्यक्तियों के जन्म दिवस के रूप में मनाए जाते हैं, जिन्होंने ना केवल परम मानव चेतना का जीवन जिया, बल्कि दूसरे लोगों के लिए पथ-प्रदर्शक भी रहे। मुख्य रूप से इन उत्सवों में हम उन लोगों के लिए आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने हमारे लिए इस संभावना को उपलब्ध कराया।
हम आपको अपने साथ इन बहुरंगी सामाजिक व सांस्कृतिक उत्सवों में शामिल होने और जीवन रूपी आशीर्वाद का आनंद लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।