“सत्संग क्रोध, घृणा, ईर्ष्या, पसंद, नापसंद के सारे द्वैत के पार जाना है- बस एक बुद्ध की रोशनी में नहाना है”। -सद्गुरु
महासत्संग
देश की अधिकांश जनता तक पहुँचने की कोशिश में, सद्गुरु जग्गी वासुदेव भारत और USA के प्रमुख शहरों में, महासत्संगों की एक श्रृंखला के जरिए लोगों को अपना ज्ञान एवं कृपा प्रदान कर रहे हैं। ये निशुल्क सार्वजनिक कार्यक्रम आंतरिक शांति एवं कल्याण को फैलाने के एक मंच के रूप में काम करते हैं, ताकि लोगों को संपूर्णता की स्वाभाविक स्थिति तक वापस पहुँचाने में उनकी सहायता कर सकें। मुग्धकारी संगीत एवं सद्गुरु के साथ किए गए ध्यान ऐसे वातावरण की रचना करते हैं जिसमें भाग लेने वाले व्यक्ति जागरूकता की उच्चतर अवस्था के प्रति ज्यादा ग्रहणशील बन जाते हैं। सद्गुरु, ईशा फाउन्डेशन के महासत्संगों के माध्यम से, अनुभूति, सोच और जीवन के नए आयामों का अनुभव कराने के लिए दुनिया भर में जनसाधारण की सहायता करते हैं।
कृपा का एक उपहारः चेन्नई में महासत्संग