ग्रीन हैंड्स परियोजना (PGH)
ग्रीन हैंड्स परियोजना ईशा संस्थान का एक पर्यावरण संबंधी उपक्रम है जो पर्यावरण की हानि को रोकने तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाने की दिशा में कार्य करता है, ताकि इस ग्रह पर एक स्थायी जीवन बना रहे। इस परियोजना का लक्ष्य है दक्षिण भारत के तमिल नाडु राज्य में 10 प्रतिशत अतिरिक्त वृक्ष-आवरण क्षेत्रफल को बढाना। व्यापक रूप से लोगों की भागीदारी के द्वारा पूरे तमिलनाडु में 11 करोड 40 लाख पेड लगाए जाएँगे।
एक पहल के रूप में, 17 अक्तूबर, 2006 को सामूहिक वृक्षारोपण मैराथन-दौर आयोजित की गई थी। जिसके परिणाम स्वरूप सिर्फ एक दिन में 256,289 से ज्यादा स्वयंसेवकों ने, तमिल नाडु के 27 जिलों में 6284 स्थानों में 8,52587 पौधे लगाकर, गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाया था। वर्ष 2007 और 2008 के बाद से, यह वृक्षारोपण अभियान 71 लाख वृक्षों को लगाने और किसानों को कृषि-वानिकी से परिचय कराने की ओर अग्रसर है। इसके अलावा इस अभियान का उद्देश्य बडे पैमाने पर पौधे उगाने और वृक्ष लगाने के लिए अधिक से अधिक स्थानीय शिक्षण संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों, निगमों और व्यक्तियों को शामिल करना हैं। उस लक्ष्य के लिए, PGH अंर्तराष्ट्रीय एजेंसियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की तलाश कर रही है जो स्थायी तरीके से इस प्रयत्न का समर्थन करने के लिए वित्तीय सहायता दे सकें।
यह वृक्षारोपण परियोजना बडे पैमाने पर जैवविविधता को बढाएगी, मिट्टी का संरक्षण करेगी, पारिस्थितिक संतुलन को सुधारेगी तथा पूरे राज्य में हजारों लोगों के लिए आजीविका के अवसर प्रदान करेगी। पर्यावरण की देख-रेख के लिए जन जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। तमिल नाडु के भौगोलिक क्षेत्र में सक्रिय यह ग्रीन हैंड्स परियोजना दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करना चाहती है ताकि भावि पीढियों के रहने के लिए इस भूग्रह को बचा कर रखा जा सके।
यह आकर्षक योजना बडे पैमाने पर परिवर्तन करने के लिए व्यक्तिगत कार्य-शक्ति को प्रोत्साहित करती है। यह परियोजना समुदाय का निर्माण करने, शहरी एवं ग्रामीण समुदायों और सरकार एवं उद्योग के बीच सहायक रिश्तों को प्रोत्साहित करने की एक बहुत बडी कोशिश है ताकि विश्व को एक नई दिशा प्रदान क़ी जा सके।