ईशा विद्या
ईशा विद्या, ईशा शिक्षा की एक पहल है, जो ग्रामीण भारत में शिक्षा और साक्षरता के स्तर को ऊपर उठाने के लिए समर्पित है तथा सुविधाहीन बच्चों को उनकी पूर्ण क्षमता का एहसास कराने में सहायक है। ग्रामीण क्षेत्रों के सभी बच्चों के लिए उत्तम शिक्षा को सुनिश्चित करके यह परियोजना सब के लिए समान अवसर उपल्बध कराना चाहती है ताकि वे भारत के आर्थिक विकास में हिस्सा लेकर उस से लाभ उठा सके।
कंप्यूटर आधारित अंग्रेजी शिक्षा के साथ प्रगतिशील विधियों के द्वारा हर व्यक्ति के संपूर्ण विकास और छिपी हुई प्रतिभा को उजागर करने के उद्देश्य से ईशा विद्या स्कूल ग्रामीण बच्चों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सशक्त कर रहा है। सद्गुरू का प्रयोजन और लक्ष्य है अगले पाँच से सात वर्षों के भीतर तमिलनाडु के सभी 206 तालुकों में कंप्यूटर सुविधा वाले कम से कम एक अंग्रेजी मैट्रिक विद्यालय शुरू करना। जब ये विद्यालय पूरी तरह से कार्य करने लगेंगे, इस से 5,00000 से अधिक छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस प्रयास में शामिल होने के लिए ईशा विद्या समर्पित व्यक्तियों और सामाजिक रूप से जिम्मेदार संस्थाओं के लिए अनेकों अवसर प्रदान करती है - एक विद्यालय की स्थापना के लिए भूमि का दान करने, बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करने और छात्रों को आथिक सहायता देने से लेकर, अन्य विविध सुविधाओं और सामग्रियों के प्रति योगदान करने तक - जैसे कंप्यूटर लैब, खेल सुविधाएँ, परिवहन सुविधाएँ, किताबें, स्कूल की वर्दी, बच्चों के लिए पूरक भोजन इत्यादि। हमारी संयुक्त पहल व समर्थन से ग्रामीण बच्चों के भविष्य और जीवन में बहुत फर्क पडेंगा जो अब तक इस तेज गति वाले सार्वभौमिक संसार में भाग लेने की किसी भी संभावना से वंचित रहे हैं।
“जीवन और शिक्षा का मूल उद्देश्य अपने बोध और ग्रहणशीलता को बढाना है। मैं नहीं चाहूँगा कि यहाँ बारह साल की शिक्षा के बाद भी बच्चे केवल जीविका चलाने लायक ही बन पाएँ। वे जहाँ भी जाएँ, उन्हें हर जगह खिलना और खूशबू फैलाना है।” - सद्गुरु
|