
ईशा होम स्कूल
ईशा होम स्कूल, सद्गुरु का एक दूरदर्शी एवं दीर्घकालीन स्वप्न है। दक्षिण भारत में कोयंबतूर के पास, वेलिंगिरि पर्वत की तराई के शांतिपूर्ण परिवेश में स्थित ईशा होम स्कूल, हर एक बच्चे की आंतरिक खुशहाली के लिए एक चुनौतीपूर्ण एवं प्रेरक वातावरण प्रदान करता है, जहाँ बच्चे अपने पूर्ण क्षमता में विकसित होते हैं। शैक्षिक गुणवत्ता के उच्च मापदंडों को बनाए रखते हुए, हर एक विद्यार्थी की प्राकृतिक और छिपी हुई प्रतिभा को उजागर करता है।
ईशा होम स्कूल का लक्ष्य है घर जैसे वातावरण में उत्तम शिक्षा प्रदान करना। शिक्षण के साथ-साथ खेल और रोमांच को सुनिश्चित करके, यह विद्यालय शिक्षा को खोज और आनंद की प्रक्रिया बना रहा है। यह विद्यालय पूर्व के बहुत बडे संयुक्त परिवारों की संस्कृति व अवधारणा पर आधारित हैं, जिसमें हर व्यक्ति - अपने-अपने व्यक्तित्व को कायम रखता है - साथ ही साथ वह विभिन्न आयु, मानसिक क्षमता व जरूरतों वाले लोगों के एक अंतरंग सूक्ष्म जगत का एक सक्रिय हिस्सा भी होता है।
विभिन्न देशों से आए कुशल एवं समर्पित शिक्षकों के सहयोग से ईशा होम स्कूल बच्चे के भीतर सीखने और जानने की सहज प्रेरणा जागृत करता है, तथा शिक्षण-अधिगम प्रकियाओं के साथ-साथ जीवन मूल्यों और जीवन कौशल पैदा करने पर भी विशेष रूप से ध्यान देता है।
"एक सुलझी हुई, निर्मल बुद्धि के साथ बच्चों को विकसित करना ही शिक्षा का उद्देश्य है। ऐसी बुद्धि जो धर्म, शास्त्र या किसी भेद-भाव में उलझी नहीं है, वह स्वाभाविक रूप से व्यक्ति को परम विकास की ओर ले जाएगी।" - सद्गुरु
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