संस्कृत में लिंग का अर्थ हैः आकार।
ध्यानलिंग एक आकार है, जहाँ पर ध्यान घटित होता है। योग विज्ञान का सार ध्यानलिंग, ऊर्जा का एक शाश्वत और अनूठा आकार है। 13 फीट 9 इंच की ऊँचाई वाला यह ध्यानलिंग विश्व का सबसे बडा पारा-आधारित जीवित लिंग है। 1999 में सद्गुरु द्वारा प्रतिष्ठित, पिछले दो हजार से भी अधिक वर्षों में, यह अपनी तरह का पहला लिंग है जिसकी प्रतिष्ठता पूरी हुई है। यह ध्यानलिंग योग मंदिर ध्यान के लिए एक अद्भुत स्थान है, जो किसी खास संप्रदाय या मत से संबंध नहीं रखता, ना ही यहाँ पर किसी विधि-विधान, प्रार्थना या पूजा की जरूरत होती है। यह मानवजाति को धार्मिक विभाजन के परे शांति, समृद्धि और कल्याण के लिए एकसाथ मिलकर विकास करने हेतु अनूठे और प्रबल अवसर प्रदान करता है।
इस स्थान के भीतर कंपन करने वाली ऊर्जाएँ, शांति और मौन की गहन अवस्था को अनुभव करने में सहायक होती हैं तथा जीवन की मूल प्रकृति को उजागर करती है।
इसके सामने प्रवेश द्वार पर सर्व-धर्म स्तंभ है, जिसमें हिन्दू, इस्लाम, ईसाई, जैन, बौध, ताओ, पारसी, यहूदी और शिन्तो धर्म के प्रतीक अंकित हैं, यह धार्मिक मतभेदों से ऊपर उठकर समस्त मानवता को आमंत्रित करता है।
व्यापक मूल्यों और धार्मिक समानता को बढावा देने हेतु ध्यानलिंग पर सालों भर विभिन्न तरह के अनूठे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हर रोज भिन्न-भिन्न देशों और संस्कृतियों से आए प्रतिभावान गायकों के द्वारा संगीत व आलाप प्रस्तुत किए जाते हैं। ये ध्वनियाँ व्यक्ति को ध्यानलिंग की ऊर्जा के प्रति विशेष रूप से ग्रहणशील बनाने में सहायक होती हैं।
ईशा योग केंद्र का मुख्य आकर्षण ध्यानलिंग मंदिर है, यह ध्यान करने वाले एक स्थान के रूप में दुनिया भर मे तेजी से ख्याति अर्जित कर रहा है, दिन-प्रतिदिन दर्शनार्थियों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
ध्यानलिंग के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें www.dhyanalinga.org