बाल अधिकारों का समर्थन
ईशा फाउंडेशन बाल अधिकारों के समर्थन और ग्रामीण युवा विकास के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, और इनसे संबंधित जनादेशों को ठोस कार्यवाही में बदल कर ग्रामीण क्षेत्रों के सुविधाहीन बच्चों और युवाओं के कल्याण में सुधार लाने में सहायक है।
शिक्षाः ग्रामीण शिक्षा आउटरीच कार्यक्रम ‘ईशा विद्या’ जून 2006 में शुरू किया गया था जिसका उद्देश्य तमिल नाडु के प्रत्येक तालुक में 206 ईशा विद्या मैट्रिक विद्यालयों की स्थापना करना है। ये विद्यालय ग्रामीण बच्चों को बेहतरीन अंग्रेजी माध्यम एवं कंप्यूटर आधारित शिक्षा प्रदान कर रहे हैं
व साथ ही खेल, कला और संगीत के जरिए उनके संपूर्ण व्यक्तित्व को निखार रहे हैं। जो ग्रामीण बच्चे ईशा विद्या स्कूल में उपस्थित नहीं हो पाते उनके लिए विभिन्न प्रकार के पहल किए गए हैं जैसेः शैक्षिक छात्रवृत्ति, पुस्तकों की निःशुल्क व्यवस्था, शैक्षिक सहायता, कपडे और आहार पूर्ति तथा कंप्यूटर साक्षरता कक्षाएँ, जिनके माध्यम से संस्थान बहुत बडी आबादी तक पहुँच रहा है।
ईशा होम स्कूल एक और सफल परियोजना है जिसका उद्देश्य बच्चों को घर जैसे वातावरण में उत्तम शिक्षा प्रदान करके बच्चे के भीतर ज्ञान की खोज करने के सहज प्रेरणा को जागृत करना है।
स्वास्थ्य सेवाः ‘ग्रामीण कायाकल्प कार्य और योजना’ के स्वास्थ्य सेवक उत्तम स्वास्थ्य सेवा प्रदान करके, तथा अभिभावकों को सफाई और आरोग्य संबंधी शिक्षा देकर, ग्रामीण शिशुओं और बच्चों की स्वास्थ्य संबंधि समस्याओं की ओर विशेष ध्यान देते हैं। बचपन की जिन बीमारियों का इलाज प्रायः आसानी से हो जाता है, उनसे उत्पन्न दुर्बल करने वाली समस्याओं का उपचार व रोकथाम के लिए गाँवों में समय-समय पर ईशा संस्थान के मोबाइल स्वास्थ्य क्लिनिक द्वारा नियमित दौरे किए जाते हैं जो बेहद लाभप्रद हैं।
युवा विकासः चरित्र निमार्ण एवं सामाजिक कौशल के विकास से परिचय कराने के लिए शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से प्रदर्शनी, कार्य-शिविर, जागरुकता अभियान और रिट्रीट आयोजित किए जाते हैं। बच्चों के लिए विशेष आनंद भरे ईशा योग कार्यक्रम, जिस में 10वीं से 12 वीं तक के छात्र भी शामिल होते हैं, जीवन कौशल, एकाग्रता और संपूर्ण विकास को बढावा देने में बहुत जरूरी भूमिका अदा करते हैं।
पर्यावरणः ‘वनश्री पर्यावरण केंद्र’ द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरुकता अभियान और प्रशिक्षण सभा के द्वारा, प्रकृति शिक्षा और देश की समृद्ध विरासत के संरक्षण जैसे पहलुओं को उजागर किया जाता है, जिन्हें आम तौर पर विद्यालय के साधारण पाठ्यक्रम में नहीं सिखाया जाता। वनश्री केंद्र हरित पर्यावरण को बढाने के लिए सक्रिय रूप से युवाओं को एक माध्यम की तरह शामिल करता है। छात्र स्वतंत्र पर्यावरण-क्लब का गठन करने के लिए आगे बढ रहे हैं और साथ ही बीज एकत्रित करने पौधशाला का विकास करने, छोटे पौधों का वितरण करने और वृक्ष लगाने की जिम्मेदारी भी ले रहे हैं।