सद्गुरु

संस्थापक, ईशा फाउंडेशन

एक दिव्यदर्शी, युगद्रष्टा, मानवतावादी, सद्गुरु जग्गी वासुदेव एक अलग किस्म के आध्यात्मिक गुरु हैं। अगाधता, गूढता और प्रयोगवादिता का एक असाधारण संगम, सद्गुरु के जीवन और कार्य ने यह सिद्ध कर दिया है कि योग किसी दूर-सुदूर अतीत की कोई गूढ-विद्या नहीं है, बल्कि एक समकालीन विज्ञान है, जो हमारे समय में बेहद प्रासंगिक है। आगे ~>

ईशा-फाउन्डेशन
एक लाभ-रहित, स्वैच्छिक संस्थान है जो, मानव कुशलता के हर एक पहलू को संबोधित करता है। आंतरिक रूपांतरण लाने वाले इसके सशक्त योग कार्यक्रमों से लेकर, इसकी प्रेरणा प्रदान करने वाली सामाजिक तथा पर्यावरण संबंधी योजनाएँ, ईशा की सभी गतिविधियाँ विश्व शांति और विकास के लिए एक सम्मिलित करने वाली संस्कृति पैदा करने के उद्देश्य से डिजाइन की गई हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के आर्थिक और सामाजिक परिषद् (ECOSOC) के साथ विशेष सलाहकार का दर्जा प्राप्त होना इसे स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि ईशा के द्वारा अभीष्ट दिशा में किए जा रहे समग्र प्रयास को विश्व में चारों तरफ मान्यता प्राप्त है। आगे ~>
यह तनाव को कम करने की आधुनिक औषधि के रूप में काम करता है और योग विज्ञान की सरल किन्तु शक्तिशाली प्रक्रियाओं के द्वारा हमारे तंत्र का शुद्धिकरण करता है तथा स्वास्थ्य, कुशलता और परिपूर्णता को बढाता है। इस कार्यक्रम में शामिल हैः ध्यान और पवित्र शामभवि महामुद्रा- एक साधारण परंतु बहुत शक्तिशाली क्रिया। आगे ~>

Upcoming Inner Engineering Programs

ARR
ग्रामीण कायाकल्प कार्य और सेवा, एक बहुआयामी दीर्घकालीन अभियान है, जो ग्रामीण पिछडी आबादी के संपूर्ण स्वास्थ्य और जीवन शैली में सुधार लाने के उद्देश्य से सद्गुरु द्वारा शुरू किया गया। मानवीय उत्साह को जाग्रत और पुनःस्थापित करने तथा पिछडे ग्रामीण जनसमुदाय में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से नवजीवन का संचार करने की दिशा में, यह एक अनूठा तथा स्पष्ट रूप से नियोजित मानवहितकारी प्रयास है। आगे~>
ईशा विद्या,
ईशा शिक्षा की एक पहल है, जो ग्रामीण भारत में शिक्षा और साक्षरता के स्तर को ऊपर उठाने के लिए समर्पित है तथा सुविधाहीन बच्चों को उनकी पूर्ण क्षमता का एहसास कराने में सहायक है। ग्रामीण क्षेत्रों के सभी बच्चों के लिए उत्तम शिक्षा को सुनिश्चित करके यह परियोजना सब के लिए समान अवसर उपल्बध कराना चाहती है ताकि वे भारत के आर्थिक विकास में हिस्सा लेकर उस से लाभ उठा सके।
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ग्रीन हैंड्स परियोजना
ईशा संस्थान का एक पर्यावरण संबंधी उपक्रम है जो पर्यावरण की हानि को रोकने तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाने की दिशा में कार्य करता है, ताकि इस ग्रह पर एक स्थायी जीवन बना रहे। इस परियोजना का लक्ष्य है दक्षिण भारत के तमिल नाडु राज्य में 10 प्रतिशत अतिरिक्त वृक्ष-आवरण क्षेत्रफल को बढाना। आगे~>
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ईशा और इसकी परियोजनाओं के लिए