Sadhna Path(Hindi) -
Apr 01, 2012
ध्यान स्वयं पर लगाओ
जैसे हे तुम अपना पूरा ध्यान स्वयं पर केंद्रित करते हो, तुम देखोगे की तुम उस हर चीज़ का स्तोत्र हो, जो यहाँ पर घटीं हो रहा है | जैसे ही यह चेतनता तुम्हारे भीतर आती है, तुम अब कोई और कर्म निर्मित नहीं कर सकते हो, यह स्वयं हो जाता है |
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Sadhna Path(Hindi) -
Mar 01, 2012
आत्मा का स्वरुप
आत्मा सभी पहचानो से, सभी इकाइयों से, सभी चीज़ों से परे है | इसे देखने का दूसरा तरीका यह है कि आत्मा जैसी कोई चीज़ नहीं होती |
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Sadhna Path(Hindi) -
Feb 01, 2012
मृत्यु कयामत नहीं है !
मृत्यु कयामत नहीं है !
जिसे तुम जीवन कहते हो और जिसे तुम मृत्यु कहते हो, वे अलग-अलग नहीं हैं | इस समय तुम जी रहे हो | लेकिन दरअसल हम यह कहा सकते हैं कि तुम धीरे-धीरे मर रहे हो, एक दिन यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी |
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NavBharat Times(Hindi) -
Jan 09, 2012
अपने सपनों को स्थितियों का दास न बनने दें
अक्सर लोग उन्ही चीज़ों के पीछे भागते हैं , जो आसानी से हासिल हो जाएँ . ऐसा करते समय वे नहीं देखते कि उन्हें वाकई उसकी जरुरत है या नहीं , या फिर वे वाकई उसकी जरुरत है या नहीं, या फिर वे वाकई उसे अपनी जिंदगी में चाहते हैं या नहीं
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Sadhna Path(Hindi) -
Jan 01, 2012
सर्वोच्च की इच्छा करो
अपनी सभी भावनाओं को सर्वोच्च की तरफ मोड़ दो | अगर तुम क्रोधित होते हो, उसे भी केवल शिव में ही लगाओ, अपनी उर्जा के साथ भी पेश आने का यही तरीका है | हो सकता है, ये भावनाएं अभी तुम्हारे हाथ में न हों, लेकिन इन्हें एक दिशा में लगाना तुम्हारे हाथ में है |
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