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अगर आप ध्यान कर रहे हैं और यह जानना चाहते हैं कि आपका ध्यान आपको रूपांतरित कर रहा है, तो वे कौन से संकेत हैं, जिनसे ये पता लगाया जा सकता है? ...
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कर्म बांधता है धर्म मुक्त करता है

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क्या मुक्ति का अनुभव करने के लिए कोई विशेष काम करने की जरुरत है...वो कौन-सी युक्ति है जिससे सभी काम मुक्ति का अनुभव दिला सकते हैं? ...
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ईशा लहर – जुलाई 2015: जानें अपने कर्मों का मर्म

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हम कैसे जानें कि किस तरह का कर्म करना हमारे लिए अच्छा होगा? और जो कर्म अपने जीवन में हम आज तक कर चुके हैं, क्या उनके प्रभाव से बचा जा सकता है? आइये इस बार के अंक में इसे गहराई से समझते हैं. ...
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भारतीय समाज: क्‍यों बंटा था अलग-अलग जातियों में

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भारत में जाति व्यवस्था अन्यायपूर्ण और अनुचित लगती है – लोगों को पेशे या जन्म के आधार पर क्यों बांटा जाए? मगर क्या हमेशा से ऐसा ही था? और जाति व्यवस्था को खत्म करने से क्या आज उससे जुड़ी सारी समस्याएं हल हो सकती हैं? ...
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बिग बंग कहें या शिव की गर्जन

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योगिक विज्ञान में भगवन शिव को रूद्र कहा जाता है। रूद्र का अर्थ है वह जो रौद्र या भयंकर रूप में हो। शिव को सृष्टि करता भी कहा जाता है। आइये जानते हैं कि कैसे शिव के इन्हीं दोनों पक्षों के मेल को ही विज्ञान बिग-बैंग का नाम ...
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योग दिवस संदेश: ऊपर या बाहर नहीं, झांके अपने अंदर

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इस बार के स्पॉट में सद्गुरु योग दिवस के प्रभाव के बारे में बता रहे हैं। उनके अनुसार मनुष्य खुशहाली के लिए ऊपर या बाहर की ओर देखना छोड़ कर अंदर की ओर देखना शुरू करे – यही योग दिवस का संदेश है। ...
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